Teri Mitti Lyrics in English and Hindi| तेरी मिट्टी Teri Mitti Lyrics in Hindi

Teri Mitti Lyrics in Hindi & English is from movie Kesari, sung by B Praak. The song is writing by Manoj Muntashir and music composed by Arko. Starring Akshay Kumar, Parineeti Chopra. Music Label Zee Music Company.

Teri Mitti Lyrics in Hindi
Teri Mitti Lyrics In Hindi


Teri mitti Lyrics In English


Give me a sword on the swords
Fire is burning in the coals
Then we went somewhere
It is decorated in Kesari color
I do not regret my land
Who has a hundred pains for you
I am safe forever
Even if my life is not mine

O my land, my lover
May your love flow in my vein
Peeka na pyar never rang tera
Out of body say blood

Get mixed in your soil
Gul banke main blossom
This is the heart's heart
Swept through your rivers
Hoist in your fields
This is the heart's heart

That o ..

Mustard-filled barn my
Where Bhangra of Jhoom could not be found
Those villages are inhabited
Where the father could not go back

O vatana ve meri vatna ve
My love was unique
I sacrificed your life
I was so lucky

Get mixed in your soil
Gul banke main blossom
This is the heart's heart
Swept through your rivers
Hoist in your fields
This is the heart's heart

O heer meri tu laughing rahe
May your eyes not sit damp
On which face i used to die
May the light be no less

O mai mere kya fikar tujhe
Why the river flows through the eye
You used to say that I am your moon
And the moon is always there

Get mixed in your soil
Gul banke main blossom
This is the heart's heart
Swept through your rivers
Hoist in your crops
This is the heart's heart



Teri Mitti Lyrics in Hindi

तलवारों पे सर वार दिए
अंगारों में जिस्म जलाया है
तब जाके कहीं हमने सर पे
ये केसरी रंग सजाया है
ए मेरी ज़मीं अफसोस नहीं
जो तेरे लिए सौ दर्द सहे
महफूज रहे तेरी आन सदा
चाहे जान ये मेरी रहे न रहे

ऐ मेरी ज़मीं महबूब मेरी
मेरी नस नस में तेरा इश्क बहे
पीका ना पड़े कभी रंग तेरा
जिस्म से निकल के खून कहे

तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू

वो ओ..

सरसों से भरे खलिहान मेरे
जहाँ झूम के भांगड़ा पा न सका
आबाद रहे वो गाँव मेरा
जहाँ लौट के बापस जा न सका

ओ वतना वे मेरे वतना वे
तेरा मेरा प्यार निराला था
कुर्बान हुआ तेरी अस्मत पे
मैं कितना नसीबों वाला था...

तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू

ओ हीर मेरी तू हंसती रहे
तेरी आँख घड़ी भर नम ना हो
मैं मरता था जिस मुखड़े पे
कभू उसका उजाला कम ना हो

ओ माई मेरे क्या फिकर तुझे
क्यूँ आँख से दरिया बहता है
तू कहती थी तेरा चाँद हूँ मैं
और चाँद हमेशा रहता है

तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे फसलों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू...



                             
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